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कल यानी 11. 01. 2008 को बेबी हालदार से मिला. बेबी हालदार पांच-छह साल पहले तक गुमनाम जरूर थी मगर आज वह इतनी चर्चित है कि बर्षों से कलम घिस रहे रचनाकारों तक को उससे रश्क हो सकता है. हालांकि आज भी बेबी का ठिकाना वहीं है, प्रो. प्रबोध कुमार के घर-डी.एल.एफ.सिटी गुड़गांव में. प्यार से जिन्हें वह तातुश कहती है. बेबी साहित्यिक कार्यक्रमों में भाग लेने हांगकांग, पेरिस से होकर आ चुकी है और आज वह देश के भी कई शहरों में वायुयान से आती -जाती हैं, जो उनकी संघर्ष का नतीजा है. न्यूयार्क टाइम्स, बी.बी.सी. , सीएनएन-आइ.बी.एन. आदि पर उनका इंटरव्यू आ चुका है. अगले कुछ अंकों में हम बेबी हालदार से संबंधित कुछ जानकारियां लगातार यहां देंगे.
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