शनिवार, मार्च 17, 2007

पहली नज़र में प्यार? क्या वाकई?

पहली नज़र में प्यार?
शायद आपके दिमाग में ये विचार आया हो कि ऐसा तो केवल फ़िल्मों में ही होता है.

अब ये केवल फ़िल्मों की बात नहीं है. वैज्ञानिकों का कहना है कि अब इस बात के सबूत मिले हैं कि वास्तव में ऐसा होता है.
उनका कहना है कि एक-दूसरे को मिलने के बाद कुछ ही मिनटों में लोग ये फ़ैसला कर लेते हैं कि वे एक-दूसरे के साथ किस तरह का रिश्ता चाहते हैं.
'जर्नल ऑफ़ सोशल एंड पर्सनल रिलेशनशिप्स' में छपे ओहायो विश्वविद्यालय के एक शोध से ये जानकारी मिली है.
इस विश्वविद्यालय ने एक ही लिंग के छात्रों के 164 जोड़ों पर ध्यान केंद्रित किया. लेकिन शोधकर्ताओं का मानना है कि ये शोध 'डेटिंग' या मिलन पर भी लागू हो सकता है.
इस शोध करने वालों में से एक प्रोफ़ेसर आर्टिमियो रामिरेज़ कहते हैं, "हम सब किसी भी व्यक्ति को देखते ही सोच लेते हैं कि हम उससे किस तरह का रिश्ता रखना चाहते हैं. इससे पता चलता है कि हम वो रिश्ता बनाने के लिए कितना प्रयास करना चाहते हैं."

यदि मैं आपसे दोस्ती करना चाहता हूँ तो मैं आपसे ज़्यादा बात करुँगा, आपको अपने बारे में ज़्यादा जानकारी दूँगा और ऐसा करुँगा कि अच्छी दोस्ती बन सके

प्रोफ़ेसर रामिरेज़ का कहना है, "यदि मैं आपसे दोस्ती करना चाहता हूँ तो मैं आपसे ज़्यादा बात करुँगा, आपको अपने बारे में ज़्यादा जानकारी दूँगा और ऐसा करुँगा कि अच्छी दोस्ती बन सके. यदि किसी रिश्ते को लेकर मेरा ज़्यादा सकारात्मक रवैया नहीं है तो मैं कम बातचीत कुरुँगा और उसे पनपने नहीं दूँगा. पहले इस पूरी प्रक्रिया के बारे में कुछ और धारणा थी लेकिन अब पता चला है कि ये सब बहुत ही जल्द हो जाता है, यानि कुछ ही मिनटों में हो जाता है. शोध से पता चलता है कि ये सब काफ़ी जल्दी हो जाता है. लोग चुटकी बजाते ही फ़ैसला कर लेते हैं कि कुछ ही क्षण पहले मिले व्यक्ति के साथ वे कैसा रिश्ता चाहते हैं."


इंटरनेट लिंक्स
यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ़ लंदन


4 टिप्‍पणियां:

yogesh samdarshi ने कहा…

सुंदर जानकारी दी है.

miredmirage ने कहा…

भाई , उन्होंने आज जाना हो पर हमें तो बहुत पहले से पता था । हमारे साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ था ।
घुघूती बासूती

आशीष श्रीवास्तव ने कहा…

ये सच है, प्यार पहली नजर मे हो जाता है। मुझे इसका हालिया अनुभव है। और ये एकतरफा नही दो तरफा था !

अनूप शुक्ला ने कहा…

सत्यवचन महाराज!