गुरुवार, मार्च 08, 2007

प्यार होने पर दिमाग़ में क्या बदलाव आता है?

प्रेम में अलग-अलग प्रतिक्रियाएँ होती हैं

वैज्ञानिकों ने इस बात का पता लगा लिया है कि जब किसी को प्रेम होता है तो उसके दिमाग़ पर क्या असर होता है. उन्होंने ऐसे पुरुषों और महिलाओं की रासायनिक प्रतिक्रियाओं का अध्ययन किया जिनके नए-नए प्रेम संबंध बने हैं. सोसायटी फ़ॉर न्यूरोसाइंस के इस शोध में मस्तिष्क के उन हिस्सों में उथल-पुथल का पता चला है जो ऊर्जा से संबद्ध हैं. स्कैन करने पर महिलाओं के दिमाग़ में भावनात्मक प्रभाव देखा गया और पुरुषों के दिमाग़ में कुछ ऐसी हलचल थी जो यौनोत्तेजना से जुड़ी हुई थी.
शोधकर्ताओं ने 17 युवा लड़कों और लड़कियों के दिमाग़ की स्कैनिंग करके यह देखने का प्रयास किया कि प्यार होने पर उनके दिमाग़ में क्या बदलाव आता है.
उन्हें बारी-बारी ऐसे लोगों के चित्र दिखाए गए जिनसे वे प्रेम करते हैं और वे भी जिनके साथ उनका भावनात्मक जुड़ाव नहीं है.
बीच-बीच में उन्हें ऐसे काम भी बताए गए जिनसे उनका ध्यान बंटता रहे.
रासायनिक बदलाव
पाया गया कि प्रेम होने पर उनके मस्तिष्क में 'डोपामाइन' का स्तर बढ़ा रहता है.
'डोपामाइन' दिमाग़ में बनने वाला एक रसायन है जो संतोष और आनंद की भावनाओं को जन्म देता है.
जब इसका स्तर बढ़ जाता है तो ऊर्जा में वृद्धि हो जाती है और इंसान आमतौर पर उत्साहित महसूस करता है.
लेकिन पुरुषों और महिलाओं में प्रतिक्रियाएँ अलग-अलग थीं.
अधिकतर महिलाओं में दिमाग़ के उस हिस्से में बदलाव देखा गया जो भावनाओं से संबद्ध है.
लेकिन अधिकतर पुरुषों में उत्तेजना बढ़ाने वाले बदलाव नज़र आए.
शोधकर्ता जल्दी ही उन लोगों के दिमाग़ का अध्ययन करने जा रहे हैं जिन्हें उनके प्रेमी या प्रेमिका ने ठुकरा दिया है.

3 टिप्‍पणियां:

miredmirage ने कहा…

और तो पता नहीं पर जो प्यार करते हैं वे अपने प्रिय के साथ साथ बाँकी संसार को भी चाहने लगते हैं व अधिक अच्छे मनुष्य बन जाते हैं । अतः यदि संसार को अच्छा बनाना है तो अधिक लोगों को प्यार करना होगा । हाँ, यह वह प्यार न हो जो ठुकरा दिए जाने पर प्रिय के चेहरे पर तेजाब डाल देता हो ।
घुघूती बासूती

आत्म-निर्झर ने कहा…

पंकज जी,

एक और बात बता दूँ आप को, 'डोपामाइन' रसायन, चाकलेट खाने से दिमाद में और तेज़ी से बनता है। अनेकों और कारणो में से एक यह भी कारण है, कि प्रेमी अपनी प्रेमिकाओं को चाकलेट उपहार स्वरूप देते हैं।

सादर
रिपुदमन पचौरी

ग़रिमा ने कहा…

लगता है फिर मुझमे 'डोपामाइन' रसायन बना ही नहीं अब तक... ही..ही..ही

जानकारी के लिये शुक्रिया, ऊर्जा चिकित्सा के दौरान ये जानकारी काम आयेगी :)।

शुक्रिया
गरिमा