गुरुवार, दिसंबर 31, 2009

क्या भारतीय सेना पाकिस्तानी सेना जैसी बन रही है?

पाकिस्तान में वहां की आर्मी के प्रति लोगों में भयंकर गुस्सा है. पाक अवाम अपनी जहालत और मुश्किलों के लिए पूरी तरह सेना को जिम्मेवार मानती है और लोगों के मन में सैनिकों के लिए जरा भी सम्मान नहीं है. क्योंकि सिविल वर्क तक के ठेके सैन्य अधिकारी लेते हैं और वे गले-गले तक भ्रष्टाचार में संलिप्त हैं. पर अपने सैनिक और सैन्य अधिकारी किधर जा रहे हैं. जरा गौर फरमाएं.

लुधियाना से दिल्ली आ रहा था. बिहार की तरफ जाने वाली एक ट्रेन अमृतसर से आकर प्लेटफार्म पर खड़ी हुई। गरीब-मजलूम जनता गिरती-पड़ती जनरल बोगी की ओर भागी. आम तौर पर लंबी दूरी की गाड़ियों में जेनरल बोगी के दो ही डिब्बे होते हैं. भारी भीड़ की उम्मीद इन्हीं डिब्बों पर टिकी होती है. डिब्बे के पास जाकर लोगों ने देखा सेना के जवान किसी को घुसने नहीं दे रहे हैं. कोई अगर घुसने की गुस्ताखी करे तो लात-घूंसों से मार-मार कर भगा देते. दोनों डिब्बे पर फौजियों ने कब्जा कर लिया और वे मजलूम लोग लात-घूंसे खाकर भी घर नहीं जा पाए.

एक घटना का तो मैं स्वयं भुक्तभोगी हूं. मुगलसराय से पटना जा रहा था. गलती(?) से एक ऐसी बोगी में चढ़ गया जिसमें रम पीकर टुल्ल फौजियों ने कब्जाया जमाया हुआ था. ट्रेन चल पड़ी थी और बाकी डिब्बों में इतनी भीड़ थी कि घुसने तक की जगह नहीं थी. जुर्माने के डर से मैं रिजर्वेशन बोगी में नहीं चढ़ा. इधर ये फौजी मुझे ट्रेन से धक्के देकर बाहर फेंकने को कटिबद्ध. जान अजीब सांसत में थी. अगले स्टेशन पर ट्रेन जब रूकी तो मैं दूसरे डिब्बे में चला गया और इस तरह जान छूटी.

निचले स्तर पर सैन्यकर्मियों के इस तरह के व्यवहार से जनता के मन में फौजियों के प्रति कैसी धारणा बनती है? और बड़े अधिकारियों का आलम क्या है, इन उदाहरणों को देखें-

-जम्मू-कश्मीर पुलिस ने डीजल और मिट्टी के तेल टैंकर की जगह पानी से भरे टैंकर सैन्य शिविर पर पहुंचाने के घोटाले का पर्दाफाश किया है। इस घोटाले में जम्मू-कश्मीर में तैनात ब्रिगेडियर सुखवीर सिंह का नाम सामने आया है। ब्रिगेडियर ने इंडियन ऑयल के अधिकारियों से सांठ-गांठ करके टैंकों में डीजल और मिट्टी के तेल की जगह पानी पहुंचाया। इससे ब्रिगेडियर समेत कई दूसरे अधिकारियों पर भारी फायदा पहुंचाने के आरोप लगे हैं।

-मिलिट्री सेक्रेटरी लेफ्टिनेंट जनरल अवधेश प्रकाश, डिप्टी चीफ ऑफ आर्मी चीफ लेफ्टिनेंट जनरल पी.के.रथ, लेफ्टिनेंट जनरल रमेश हलगली और मेजर जनरल पी. सेन पर आरोप है कि उनके द्वारा दिए गए अनापत्ति प्रमाण पत्र के आधार पर सुखना मिलिट्री स्टेशन से सटी सार्वजनिक भूमि को एक निजी ट्रस्ट को बेच दिया गया।

-सेना भर्ती घोटाले की प्रारम्भिक जांच में संकेत मिले हैं कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के कुछ एजेंट भारतीय सेना का हिस्सा बन गए हैं। पुलिस पड़ताल में यह चौंकाने वाले संकेत मिलने के बाद अब जांच का दायरा बढ़ा दिया है। उधर, जिला पुलिस ने भर्ती घोटाले में सैन्य अफसरों की लिप्तता उजागर होते ही मेजर और सूबेदार मेजर रैंक के पांच अफसरों को भर्ती घोटाले में नामजद कर लिया।

-गौत्तमबुद्धनगर जिला न्यायलय ने अवैध कब्जा करने के मामले में एक अवकाश प्राप्त सैन्य अधिकारी को शुक्रवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। पुलिस के अनुसार नोएडा के सेक्टर ३७ के एक अन्य अवकाश प्राप्त सैन्य अधिकारी आर एस मल्होत्रा के फ्लेट पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अवैध कब्जा करने के आरोप में सेवानिवृत्त कर्नल मधुकर शर्मा को गिरफ्तार करके जिला अदालत में पेश किया गया था जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया। उल्लेखनीय है कि इस अवकाश प्राप्त कर्नल पर अपनी नौकरानी पर बलात्कार करने, उसके साथ मारपीट करने तथा हत्या का प्रयास करने सहित कई मामलें विभिन्न अदालतों में चल रहे हैं।

1 टिप्पणी:

Krishna Kumar Mishra ने कहा…

शर्मनाक........मुगलों से लेकर आजतक परंपरा तो वही चली आ रही सैनिको मे,,,,,,ये अलग बात है अंग्रेजों ने इन्हे सबूर सिखाया था.....अफ़सोस इनके बेहतर मास्टर ब्रिटेन चले गये...जो बचे है........म स अल्लाह